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NSC क्या होता है ,NSC के फायदे

 

NSC का फुल फॉर्म होता है National Saving Certificate यानी कि राष्ट्रीय बचत पत्र ।यह भारत सरकार की एक  सरकारी बचत स्कीम है ,जिसमें हम लंबी अवधि के  लिए  निवेश करते है ।तीन मुख्य बातें जो आम लोगो को NSC की ओर आकर्षित करती है ।एक तो यह है कि NSC भारत सरकार की डाकघर योजना के तहत जारी किया जाता है। इसे आप अपने नजदीकी किसी भी डाकघर से बड़ी आसानी से कभी भी खरीद सकते हैं ।दूसरी बात चूंकि यह एक सरकारी योजना है अतः आप निश्चिंत होकर NSC में पैसे लगा सकते हैं ,यह बिल्कुल ही  सुरक्षित  निवेश हैं । तीसरी बात इसमें पैसा निवेश कर  आप tax भी बचा सकते हैं।तो आइए NSC के इस आर्टिकल में हम आज जानेगे। NSC क्या है ,NSC के क्या फायदे है NSC कितने प्रकार के होते है और NSC कैसे खरीदें ।

 

NSC क्या होता है ,NSC के फायदे

NSC क्या होता है ,NSC के फायदे

NSC के फायदे

1)आसानी से उपलब्ध

NSC को हम आसानी से किसी भी पोस्ट आफिस से खरीद सकते है ।अपने देश मे पोस्ट आफिस का इतना बड़ा जाल है ,हम किसी  गांव में भी हो ,तो भी हमारे नजदीक में कोई न कोई पोस्ट आफिस रहता ही है ।

2)न्यूनतम 100 रुपये में भी उपलब्ध|

एनएससी (NSC) से जुड़ी एक अच्छी बात यह भी है कि आप मात्र  सौ रुपए का निवेश करना चाहें तो वो भी कर सकतें हैं ।अगर आप 100 रुपये से अधिक का निवेश करना चाहते है तो  100 रुपए  राशि के गुणांक में आप 100, 500, 5000, 10000 …..रुपए  की राशि में निवेश कर सकते हैं।

3)निवेश की अधिकतम  राशि ।

NSC में  निवेश  की कोई अधिकतम सीमा नहीं है आप जितना ही राशि चाहें ,उसे  उतना निवेश  कर सकते है ।

 

4)ब्याज दर

10 years NSC की सुविधा december 2015 से बंद की जा चुकी हैं। फिलहाल सिर्फ 5-year  NSC ही चालू है। जिसमें अभी    7.6% का सालाना ब्याज मिल रहा है  । वर्तमान में ब्याज दर का निर्धारण हरेक तीन महीनों के बाद किया जाता है  । इसलिए NSC खरीदने से पहले आप पता कर लें कि इस पर कितना ब्याज मिल रहा है। आप जिस ब्याज दर पर एक बार NSC खरीद लेंगे ,  वही  ब्याज दर आपको  maturity अवधि पूरी होने तक (अगले पांच साल तक ) मिलेगा ।दूसरी बात NSC में ब्याज कि गणना हरेक छह महीने के बाद होती है ।

5)Tax Benefits

 

राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश करके आप अपना टैक्स बचा सकते है। यह एक टैक्स सेविंग स्कीम है।

NSC   में निवेश की गई धनराशि पर आप Section 80C  के तहत एक financial year

में अधिकतम 1.5 लाख तक की राशि पर टैक्स में छुट प्राप्त कर सकते है ।हालांकि 1.5 लाख रुपए तक के NSC पर मिलने वाला ब्याज पर आपको टैक्स देना पड़ेगा ।

उदाहरण के लिए – अगर हम 1.5 लाख रुपये का निवेश NSC में करते है  तो हम अपनी कर योग्य कुल वार्षिक आय से 1.5 लाख की कटौती तो कर सकते है परन्तु 1.5 लाख पर जो हमें ब्याज मिलेगा उस पर हमें आयकर देना होगा ।

 

6)लोन की सुविधा(loan facility):

आकस्मिक जरूरत पड़ने पर आप NSC को security के रूप में रखकर आप बैंक ,पोस्ट आफिस या अन्य किसी भी  वित्तीय संस्थान से loan ले सकते हैं। हालांकि लोन की राशि और ब्याज दर का निर्धारण ,लोन देने वाली संस्थान करती है ।

 

7)Transfer  certificate:

 

आप  NSC  देश के किसी भी Post Office से खरीदें, अगर आपका तबादला किसी और जगह हो जाता है ,तो आप नई जगह पर अपने नजदीकी पोस्ट आफिस में अपने NSC को Transfer करा सकते हैं ।साथ हीं  Mature होने अपने NSC को वहीं भुना भी सकते हैं। हालाँकि , NSC भुनाते समय  आपको सावधानी के तौर पर NSC  ट्रांसफर का सर्टिफिकेट अपने  साथ में रखना चाहिए ।

एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रमाण पत्र के हस्तांतरण के समय, पुराने प्रमाणपत्रों को रद्द  नहीं किया जाता , बल्कि पुराने प्रमाणपत्रों पर पुराने धारक कों  एक  गोला बनाकर घेर दिया जाता है और नए धारक का नाम पुराना प्रमाण पत्र पर पोस्टमास्टर के हस्ताक्षर के साथ लिख दिया जाता है

8)online  सुविधा उपलब्ध नहीं   है

nsc  ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हैं, इसे आपको पोस्ट ऑफिस जाकर ही खरीदना पड़ेगा

9) Dublicate certificate

 

यदि आपका NSC सर्टिफिकेट कही गुम हो गया या  क्षतिग्रस्त हो गया  है तो आप पोस्ट आफिस जाकर दूसरा Duplicate certificate भी बनवा सकते है ।

.

10) मेच्योरिटी के पहले आकस्मिक भुगतान की प्रक्रिया

NSC  योजना में आप आकस्मिक जरूरत परने पर  5 वर्ष से पहले भी पैसे को निकाला जा सकता है परन्तु इसके लिए दो condition है

condition-1: NSC की अवधि three years पूरी हो चुकी हो।

अथवा

condition-2: NSC धारक की मृत्यु हो जाने पर नॉमिनी कभी भी पैसे निकाल सकता है.

NSC धारक के निधन की स्थिति में उसके nominee को दो प्रकार के form भरकर पोस्ट आफिस में  जमा करना पड़ता है ।

Annexure 1: यह फॉर्म  NSC भुनाने के लिए होता है,जहां आपका नाम nominee के रूप में दर्ज होता है।

Annexure 2: यह फॉर्म nominee के उत्तराधिकार को प्रमाणित करने के लिए होता है।

 

11)राष्ट्रीय बचत पत्र के लिए योग्यता या पात्रता ।

इस योजना के लिए आयु की कोंई भी सीमा नहीं है ।किसी भी उम्र का भारतीय नागरिक कभी भी पोस्ट आफिस जाकर NSC में निवेश कर सकता है ,हालाँकि 18 वर्ष से कम की आयु व्यक्ति के लिए ,उनके अभिभावकों को अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के नाम पर राष्ट्रीय बचत पत्र खरीदना होगा। वहीं NRI (अप्रवासी भारतीय)  Trusts, companies, Hindu Unified Families, NRIs को इस स्कीम का लाभ नहीं मिल सकता है |

 

 

How To Purchase NSC

 

NSC किसी भी Post office या Head Post Office से खरीदे जा सकते हैं। हालाँकि कुछ दिन पहले  बैंकों को भी NSC बेचने की इजाजत दी गई है। लेकिन फिलहाल  बैंकों की ओर से इस बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं आई है।

 

जरूरी दस्तावेज व भुगतान: Required Documents and Payment

NSC खरीदने के पहले अपनी identity और address से जुड़े ,कोई दो documents की ओरिजिनल और फोटोकॉपी अपने साथ ले जाये ।  जैसे Voter Card/PAN Card/Adhar Card/Ration card इत्यादि ।

 

NSC आप चाहें तो नगद भुगतान या फिर चेक या डिमांड ड्राफ्ट देकर खरीद सकतें है । अगर आपका पोस्ट ऑफिस मे एकाउंट  है तो उससे भी पैसे ट्रांसफर करके NSC खरीद सकते हैं।

 

NSC को कैसे भुनाते है

 

NSC को भुनाने के लिए आपको निम्नलिखित process पूरी करनी होती है-

NSC  का original certificate साथ में लेते जाएं। आपकी पहचान को prove करने वाला ओरिजनल दस्तावेज भी साथ रखें।

NSC भुनाने वाला फॉर्म जो post office मिलेगा, उसे भरना होगा। अगर NSC भुनाने वाला व्यक्ति, खरीदते समय अल्पवयस्क रहा हो, तो adult होने पर भुनाने के लिए उसके हस्ताक्षर के अलावा guardian के भी हस्ताक्षर होने जरूरी हैं।].

मेच्योरिटी के बाद | After Maturity of NSC

अगर Maturity पूरी होने पर आप एनएससी (NSC) को नहीं भुनाते हैं तो यह अपने आप अगली अवधि के लिए Renew नहीं होता। maturity बाद की अवधि में इस पर अगले दो साल  तक सिर्फ general saving account की तरह ब्याज मिलेगा।इसलिए maturity पूरा होते ही आप पैसा भुना ले |

 

Three Types of NSC:

Post Office तीन प्रकार की NSC प्रदान करता है।

1।Single holder Type NSC: इस प्रकार के NSC खरीदने पर Certificate पर केवल एक व्यक्ति का नाम दर्ज होता है

2- Joint A type NSC: इस प्रकार की NSC को दो व्यक्ति के नाम पर खरीदा जा सकता है. और जो पैसा मिलता है वह दोनों को बराबर-बराबर दे दिया जाता है.

3- Joint B type NSC: इस प्रकार की NSC को भी दो व्यक्ति के नाम पर खरीदा जाता है परन्तु पैसा सिर्फ एक को दिया जाता है. उस व्यक्ति का नाम लिखना होता है.

दोस्तों उम्मीद करता हूँ ,मेरे इस आर्टिकल से आपको nsc के बारे में जानकारी  मिल  गई होगी  ,फिर भी कोई शिकायत या सुझाव हो तो कमेंट करें ।
धन्यवाद ।

 

 

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